नाड़ी शोधन प्राणायाम का सही तरीका और लाभ

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नाड़ीशोधन से दोनों नाड़ियों में बैलेंस बनता है। बॉडी का तापमान सही बना रहता है।

आपने नाड़ी शोधन प्राणायाम के बारे में जरूर सुना होगा। आज हम आपको इस प्राणायाम को करने का सही तरीका और इससे होने वाले फायदों के बारे में बतायेंगे। सबसे पहले तो ये समझें कि नाड़ीशोधन है क्‍या। योग विज्ञान के मुताबिक, हमारे शरीर में 72 हजार से ज्‍यादा नाड़ियां हैं। हर एक का अलग अलग काम है। मॉडर्न साइंस इन्‍हें नहीं खोज पाया मगर पुराने ग्रंथ इसकी गवाही देते हैं।

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बहरहाल हम अभी दो नाडि़यों की बात करते हैं सूर्य नाड़ी और च्रंद नाड़ी। हमारी नाक के बायें छेद से जुड़ी है चंद्र नाड़ी और दायें से सूर्य नाड़ी। हम नाक के दोनों छेदों – नसिकाओं से सांस नहीं लेते। जब हम बाईं नसिका से सांस ले रहे होते हैं तो योग की भाषा में हम कहते हैं कि हमारा चंद्र स्‍वर चल रहा है। जब हम दाईं नसिका से सांस ले रहे होते हैं तो हम कहते हैं कि हमारा सूर्य स्‍वर चल रहा है।

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