डायबिटीज, पैरों में सुन्नपन ḍaayabiṭeej, pairon men sunnapan, डायबिटीज फुट या इससे हुए घावों ḍaayabiṭeej fuṭ yaa isase hue ghaavon men adabhut hain yah gharelu upaay में अदभुत हैं यह घरेलु उपाय

Use your ← → (arrow) keys to browse
Loading...

डायबिटीज आजकल एक सामान्य समस्या होती जा रही हैं, डायबिटीज में कुछ विशेष प्रकार की जटिलताओं  का सामना अक्सर सभी डायबिटीज के मरीजो को करना पड़ सकता है जैसे Diabetic Foot, Diabetic foot ulcer, Gangrene, Neuropathy, Retinopathy इत्यादी. आज आपको बताने जा रहें हैं इनका प्राकृतिक इलाज.

अगर आप लम्बे समय से डायबिटिक है और आपका रक्त में ग्लूकोस या शुगर की मात्रा बहुत अधिक है लम्बे समय से रक्त में ज्यादा ग्लूकोस की मात्रा रहने से आपकी रक्तवाहिनिया(Blood vessels) या नसों(Nerves) को काफी ज्यादा हानि होती हैं. नसों को नुकसान होने की वजय से रोगी को पैरों में सुन्नापन(Lose of Feeling) महसूस होता हैं.इस समय पर सामान्य सी चोट लगने पर पैरों में छालें या किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन आसानी से हो जाता है इसके साथ ही रक्तवाहिनियों को क्षति होने से पैरों में रक्त और ऑक्सीजन भी नहीं पहुँच पाती हैं जिससे अगर रोगी को कोई इन्फेक्शन या घाव हो जाता हैं इसे Diabetic foot Ulcer कहते हैं  वो बहुत ही मुश्किल से सही हो पाता हैं.

आप Diabetic Foot की इस समस्या से बच सकते हैं अगर आप इन बातों का ध्यान रखें

  • रोजाना अपने पैरों को चेक करें और अच्छी तरह पानी से साफ करें
  • पैरों को कोमल और मुलायम रखने की कोशिश करें
  • जूते और जुराब पहन कर रखे
  • अपने पैरों को गर्मी और सर्दी से बचा कर रखें
  • रोजाना पैरों की एक्सरसाइज करें जिससे पैरों में रक्त का संचरण सही बना रहें

पैरों में छालें या अलसर होने पर इसे अच्छी तरह नार्मल सेलाइन(Normal saline)से साफ करें और डॉक्टर के द्वारा दी गई एंटीबायोटिक का सेवन करें.

Noni का वैज्ञानिक नाम Morinda Citrifolia है, जिसको Indian Mulberry के नाम से भी जाना जाता है. इस पौधे के फलों के रस में Xeronine पाया जाता हैं जो टाइप 2 डायबिटीज में Insulin Resistance को कम करता हैं जिससे रक्त से ग्लूकोस आसानी से कोशिकाओ में चला जाता हैं और कोशिका उसको उपयोगऊर्जा उत्पादन में  कर लेती हैं. इस प्रकार रक्त में ग्लूकोस कम हो जाता हैं, नोनी के नियमित सेवन से आप के रक्त में ग्लूकोस की मात्रा नियमित रहती हैं. जिससे डायबिटीज से सम्बंधित जटिलता जैसे Retinopathy, Neuropathy  और Diabetic Foot or Diabetic foot Ulcer  कम होती हैं और इनमे सुधार आता हैं.

शोध में पता लगा हैं की नोनी इम्यून सिस्टम को तेज करता हैं जिससे पैंक्रियास की बीटा कोशिकाओं की कार्यक्षमता में सुधार आता है और जिससे इन कोशिकाओं से सामान्य  Insulin निकलता हैं जो रक्त में ग्लूकोस की मात्र को नियमित करता हैं .

नोनी का Glycemic index  कम होता हैं जो रक्त में ग्लूकोस की मात्र को नियमित भी करता हैं साथ में Diabetic foot Ulcer के इलाज में भी उपयोगी होता हैं

नोनी से न सिर्फ आपका रक्त ग्लूकोस लेवल कम होता है जबकि  घाव भी जल्दी भरता हैं,  नोनी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और flavanoid घाव भरने की प्रकिया को तेज कर देते है और नोनी में पाए जाने वाले पोषक तत्व blood सर्कुलेशन को सही रखते हैं जिससे पैरों में सुन्नपन कम होता है और किसी भी प्रकार का घाव जल्दी भर जाता हैं.

नोनी के फल के जूस  में Xeronine नामक अल्कलोइड पाया जाता हैं जो हमारे शरीर में एंजाइम की कार्यक्षमता और प्रोटीन की संरचना बनने की प्रकिया को बढ़ा देता हैं जिससे कोशिकाओ के रिपेयर होने की और घाव भरने की प्रकिया तेज हो जाती हैं,मुख्य रूप से ये Diabetic Gangrene में काफी लाभदायक होता हैं .

नोनी नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ा  देता है जिससे रक्तवहिनिया खुल (relax ) जाती है और रक्त का संचरण सही ढंग से होना शुरू हो जाता हैं जिससे diabetic foot Ulcer में काफी लाभ मिलता हैं इसके साथ ही नाइट्रिक ऑक्साइड को WBC बैक्टीरिया और फंगस को मारने के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं जिससे घाव जल्दी भरता हैं और इन्फेक्शन भी ठीक हो जाता हैं .

Loading...
loading...

pair 1 pair 2

नोनी फ्रूट जूस में पाया जाने वाला SCOPOLETIN नामक रसायन रक्तवाहिनियों को खोलता है, सुजन को कम करता है साथ के साथ इन्फेक्शन भी कम करता हैं जिससे Diabetic foot Ulcer जल्दी ठीक हो जाता हैं

इसके इलावा नोनी में पाए जाने वाले रसायन जैसे Acubin, L – asperuloside और Alizarin जिनमे एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता हैं जो बहुत से बैक्टीरिया ख़तम कर सकते हैं.

 

हाथ या पैर का सुन्न हो जाना बहुत ही कष्टदायक होता है। लेकिन घबराइए नहीं क्योंकि सरल घरेलू उपचार की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है।

1. घरेलू उपचार

कभी-कभी हाथ या पैर के सुन्न होने पर स्पर्श संवेदना में कमी आ जाती है। इसके साथ ही सुन्न हाथ या पैर में झनझनाहट, जलन, तेज दर्द और कमजोरी भी महसूस होती है। यह बहुत ही आम समस्या है और हम में से लगभग सभी को कभी-कभी इसका अनुभव होता है।

लगातार हाथों और पैरों पर दबाव, तंत्रिका में चोट, ठंडी चीज को काफी देर तक छूना, बहुत अधिक शराब का सेवन, धूम्रपान, डायबिटीज, थकान, श्रम का अभाव, विटामिन बी या मैग्‍नीशियम जैसी पोषक तत्वों की कमी जैसे इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन घबराइए नहीं क्योंकि सरल घरेलू उपचार की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है।

2. गर्म सिंकाई

सबसे पहले प्रभावित हिस्से पर गर्म पानी का सेक करें। यह सुन्न हिस्से में ब्लड की आपूर्ति बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह उस हिस्से की मांसपेशियों और नसों को आराम देता है। एक साफ कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर 5-7 मिनट के लिये प्रभावित जगह को सेंके।

 

3. मसाज

हाथ या पैर में सुन्‍नपन आने पर मसाज इस समस्‍या से निपटने का सबसे आसान और सरल तरीका है। यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे सुन्नता में कमी आती है। इसके अलावा यह मसल्‍स और नसों को प्रोत्‍साहित कर, समग्र कामकाज में सुधार करता है। अपने हाथों में गर्म जैतून, नारियल या सरसों के तेल लेकर इसे सुन्न हिस्‍से में लगाकर 5 मिनट के लिए सर्कुलर मोशन में अपनी उंगालियों से मसाज करें। जरूरत पड़ने पर इस उपाय को दोहराये।

 

4. ऑक्सीजन में सुधार करें एक्सरसाइज

एक्सरसाइज शरीर के विभिन्न अंगों में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन में सुधार करता है, जिससे हाथ और पैर सहित शरीर के किसी भी अंग में सुन्नपन, झनझनाहट को रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित रूप एक्सरसाइज गतिशीलता में सुधार और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाता है।

 

5. हल्दी

हल्दी में मौजूद कुरकुर्मीन नाम का तत्व पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण प्रभावित हिस्से में दर्द और परेशानी कम करने में मदद करता है। समस्या होने पर एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिक्स करके हल्की आंच पर पकाएं। फिर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में एक बार पीने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। आप हल्दी और पानी से बने पेस्ट से प्रभावित हिस्से पर मसाज भी कर सकते हैं।

6. दालचीनी

दालचीनी में महत्वपूर्ण विटामिन बी के साथ मैंग्नीज और पोटेशियम सहित कई प्रकार के केमिकल और पोषक तत्व होते हैं। यह पोषक तत्व हाथ और पैर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर हाथ और पैर की सुन्नता को दूर करने में मदद करते है। विशेषज्ञ अच्छी तरह से ब्लड सर्कुलेशन के लिए नियमित रूप से 2 से 4 ग्राम दालचीनी लेने की सलाह देते हैं। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें। या आप एक चम्‍मच दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा शहद मिलाकर नियमित रूप से कुछ हफ्तों के लिए ले सकते हैं।

Loading...

Use your ← → (arrow) keys to browse
x
Please like us: